शांतिप्रिय देश ने किया युद्ध का ऐलान, 25 लाख ‘स्टोन कोल्ड किलर्स’ का करेगा सफाया; जानिए क्या है ये आफत – Nepal Updates | Stock Exchange

न्यूजीलैंड का बड़ा फैसला: 2050 तक जंगली बिल्लियों को करेगा खत्म, वन्यजीव संरक्षण पर जोर

न्यूजीलैंड ने अपनी अनोखी वन्य प्रजातियों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने घोषणा की है कि 2050 तक पूरे देश से फेरल कैट्स यानी जंगली बिल्लियों को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। यह कदम न्यूजीलैंड की जैव विविधता (Biodiversity) को बचाने के लिए उठाया गया है।

संरक्षण मंत्री तामा पोटाका ने जंगली बिल्लियों को ‘स्टोन कोल्ड किलर्स’ कहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इन्हें Predator Free 2050 कार्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। यह प्रोग्राम 2016 में शुरू किया गया था जिसका मकसद पक्षियों, चमगादड़ों, छिपकलियों और कीड़ों के लिए खतरा पैदा करने वाली इनवेसिव स्पीशीज को खत्म करना है। वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।

न्यूजीलैंड में बड़ी संख्या में हैं जंगली बिल्लियां

पोटाका ने बताया कि जंगली बिल्लियां, पालतू बिल्लियों से अलग होती हैं और पूरी तरह से शिकार पर निर्भर रहती हैं। न्यूजीलैंड की खास बायोडायवर्सिटी को बचाने के लिए, जो धरती पर और कहीं नहीं पाई जाती, उनकी आबादी को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है। जंगली बिल्लियाँ स्थानीय प्रजातियों को मारती हैं, जैसे कि स्टीवर्ट आइलैंड के राकिउरा में पुकुनुई (सदर्न डॉटरल), जो अब लगभग खत्म हो चुके हैं। पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को संतुलित रखने के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण है।

उन्होंने यह भी बताया कि नॉर्थ आइलैंड पर ओहाकुने के पास जंगली बिल्लियों ने एक हफ्ते में 100 से ज़्यादा छोटी पूंछ वाले चमगादड़ों को मार डाला, और उन्होंने स्टीवर्ट आइलैंड पर सदर्न डॉटरल पक्षी को भी लगभग खत्म होने के कगार पर पहुंचा दिया है। जंगली बिल्लियों का वन्यजीवों पर नकारात्मक प्रभाव स्पष्ट है।

1 मीटर लंबी और 7 किलो तक वजन

न्यूजीलैंड के जंगलों और समुद्र के किनारे के द्वीपों पर 2.5 मिलियन से ज़्यादा जंगली बिल्लियां रहती हैं, जिनकी लंबाई (पूंछ मिलाकर) 1 मीटर तक और वजन 7 किलो तक हो सकता है। वन्यजीव प्रबंधन (Wildlife Management) के लिए इन आँकड़ों का आकलन आवश्यक है।

पोटाका ने कहा, ‘जंगली बिल्लियां अब पूरे एओटेरोआ न्यूजीलैंड में खेतों से लेकर जंगलों तक पाई जाती हैं, और वे वहां के पक्षियों, चमगादड़ों, छिपकलियों और कीड़ों पर बहुत ज़्यादा दबाव डालती हैं। जंगली शिकार के साथ-साथ, जंगली बिल्लियां बीमारियां भी फैला सकती हैं, क्योंकि वे टोक्सोप्लाजमोसिस फैलाती हैं, जो डॉल्फिन को नुकसान पहुंचा सकता है, इंसानों की सेहत पर असर डाल सकता है और जानवरों को इंफेक्ट करके किसानों को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं।’ जंगली बिल्लियों का खतरा बहुआयामी है।

पोटाका ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यूजीलैंड में बहुत सारे बिल्ली के मालिक रहते हैं, और पालतू जानवर इस Predator Free टारगेट का हिस्सा नहीं हैं। पालतू जानवरों को लेकर लोगों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

क्या है न्यूजीलैंड की Predator-Free 2050 स्ट्रैटेजी?

न्यूजीलैंड की Predator-Free 2050 स्ट्रैटेजी सरकार की एक पहल है जिसका मकसद उन हमलावर शिकारियों को खत्म करना है जो देसी जंगली जानवरों के लिए खतरा हैं। अपनी शुरुआत से ही, इसने फेरेट्स, स्टोट्स, वीजल, चूहों और पोसम जैसी प्रजातियों को टारगेट किया है। यह संरक्षण प्रयास (Conservation Efforts) न्यूजीलैंड के लिए दीर्घकालिक है।

गार्डियन के अनुसार, पोटाका ने कहा कि पहली बार, एक शिकारी को लिस्ट में जोड़ा जा रहा है और वह दूसरे मैमल्स के साथ शामिल हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि जंगली बिल्लियों को हटाने से बायोडायवर्सिटी बढ़ेगी, हेरिटेज लैंडस्केप सुरक्षित रहेंगे और न्यूजीलैंड की इकोलॉजिकल पहचान बनी रहेगी। इकोलॉजी (Ecology) को संतुलित रखने का यह एक प्रयास है।

न्यूजीलैंड कैसे खत्म करेगा जंगली बिल्लियां?

गल्फ न्यूज के मुताबिक, डिपार्टमेंट ऑफ कंजर्वेशन (DOC) मीट वाले चारे का इस्तेमाल करके जंगली बिल्लियों को कंट्रोल करने का एक नया तरीका टेस्ट कर रहा है। नियंत्रण उपाय (Control Measures) आधुनिक तकनीक पर आधारित हैं।

वे पहले बिल्लियों को अट्रैक्ट करने के लिए एक नुकसान न पहुंचाने वाला चारा इस्तेमाल करेंगे, उसके बाद 1080 वाला जहरीला चारा इस्तेमाल करेंगे, यह एक केमिकल है जिसका इस्तेमाल दूसरे कीड़ों को मारने के लिए किया जाता है। हालांकि, यह तरीका विवादित है क्योंकि इससे दूसरे जानवरों को नुकसान हो सकता है। सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखना जरूरी है।

DOC जंगली बिल्लियों की संख्या कम करने के तरीकों की योजना बना रहा है, और मार्च 2026 तक एक विस्तृत रणनीति जारी करेगा। रणनीतिक योजना (Strategic Planning) न्यूजीलैंड के वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।

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