आज का पंचांग: 30 नवंबर 2025 – शुभ मुहूर्त, राहु काल और ग्रहों की स्थिति
द्रिक पंचांग के अनुसार, आज 30 नवंबर 2025 को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 9 बजकर 29 मिनट तक रहेगी। दशमी के बाद एकादशी तिथि का आरंभ होगा, जो कल सुबह तक रहने वाली है। आज सुबह 7 बजकर 12 मिनट तक वज्र योग रहेगा, जिसके बाद सिद्धि योग का आरंभ होगा।
यह सिद्धि योग कल सुबह तक रहेगा। सुबह 6 बजकर 56 मिनट पर रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का आरंभ होगा, जो कल 1 दिसंबर की सुबह 01:11 मिनट तक रहने वाला है। यह शुभ योग किसी भी नए कार्य को शुरू करने के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त
- सूर्योदय: सुबह 06:56 मिनट पर
- सूर्यास्त: शाम 05:24 मिनट पर
- चंद्रोदय: दोपहर 01:49 मिनट पर
- चंद्रास्त: सुबह 02:36 मिनट पर (1 दिसंबर 2025)
संवत और चंद्रमास
आज का संवत और चंद्रमास जानने के लिए पंचांग का अवलोकन करें।
आज का शुभ समय
शुभ कार्यों के लिए आज का शुभ समय जानने के लिए पंचांग देखें। अभिजीत मुहूर्त और विजय मुहूर्त जैसे शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है।
आज का अशुभ समय
किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से पहले अशुभ समय का ध्यान रखना चाहिए। राहुकाल और यमगंड जैसे अशुभ समय में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
नवग्रहों की स्थिति
- सूर्य ग्रह: वृश्चिक राशि में
- मंगल ग्रह: वृश्चिक राशि में
- शुक्र ग्रह: वृश्चिक राशि में
- बुध ग्रह: तुला राशि में
- राहु ग्रह: कुंभ राशि में
- केतु ग्रह: सिंह राशि में
- शनि ग्रह और चंद्र ग्रह: मीन राशि में
- देवगुरु बृहस्पति ग्रह: कर्क राशि में
नक्षत्र
आज रेवती नक्षत्र चल रहा है, जिसका आरंभ सुबह 1 बजकर 10 मिनट पर हुआ है। रेवती नक्षत्र से पहले उत्तराभाद्रपद नक्षत्र था। नक्षत्रों की स्थिति का ज्योतिष में विशेष महत्व होता है।
करण
आज सुबह 10 बजकर 28 मिनट तक तैतिल करण रहेगा। तैतिल करण के बाद गर करण का आरंभ होगा, जो देर रात 9 बजकर 29 मिनट तक रहने वाला है। दिन के अंत में वणिज करण रहेगा। करणों का पंचांग में अपना विशेष महत्व है।
