ब्रिटिश राजदूत पीटर मैंडेलसन अमेरिका से बर्खास्त, एपस्टीन संबंध उजागर होने पर

ब्रिटेन में राजनीतिक भूचाल: पीटर मैंडेलसन को अमेरिकी राजदूत पद से हटाया गया, जेफरी एपस्टीन से संबंधों का खुलासा!

ब्रिटिश राजनीति में एक और विवाद खड़ा हो गया है! ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अमेरिकी राजदूत पीटर मैंडेलसन को उनके पद से हटा दिया है। यह फैसला एपस्टीन से उनके कथित गहरे संबंधों के खुलासे के बाद लिया गया है, जिसने ब्रिटिश सरकार और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में हलचल मचा दी है।

लेटेस्ट न्यूज़ के अनुसार, हाउस ऑफ कॉमन्स में सरकार ने स्पष्ट किया कि नए ईमेल्स से मैंडेलसन और एपस्टीन के रिश्तों की गहराई उजागर हुई। यह खुलासा बेहद गंभीर था, जिसके चलते प्रधानमंत्री को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।

गुरुवार को मैंडेलसन को पद से हटाने का फैसला लिया गया। यह कदम उन ईमेल्स के सामने आने के बाद उठाया गया जिनमें मैंडेलसन और अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन के बीच गहरे संबंध होने का खुलासा हुआ था। याद रहे, एपस्टीन नाबालिगों के यौन शोषण और तस्करी के संगीन मामलों में दोषी पाया गया था।

जैसे ही कीर स्टार्मर ने इन ईमेल्स को देखा, उन्होंने विदेश सचिव जेम्स क्लेवरली को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। हाउस ऑफ कॉमन्स में विदेश कार्यालय मंत्री स्टीफन डौटी ने बताया कि ईमेल्स से स्पष्ट हो गया कि मैंडेलसन और एपस्टीन के बीच संबंध, उनकी नियुक्ति के समय ज्ञात तथ्यों से कहीं अधिक गहरे थे। इसीलिए प्रधानमंत्री ने उन्हें राजदूत पद से हटाने का फैसला किया।

विवादों का पीछा

पीटर मैंडेलसन का नाम पहले भी विवादों से जुड़ता रहा है। लेबर पार्टी के एक वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की सरकार में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। उन पर लंबे समय से एपस्टीन के साथ करीबी संबंध रखने के आरोप लगते रहे हैं। एक किताब के विमोचन के दौरान, उनका एक पत्र भी सामने आया था, जिसमें उन्होंने एपस्टीन को अपना ‘सबसे अच्छा दोस्त’ बताया था। यह भी एक बड़ी चिंता का विषय था।

‘द सन’ का खुलासा

ब्रिटिश अखबार ‘द सन’ ने हाल ही में एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें मैंडेलसन के ईमेल्स का जिक्र था। इन ईमेल्स में मैंडेलसन एपस्टीन को ‘जल्दी रिहाई के लिए लड़ने’ की सलाह दे रहे थे। एक अन्य ईमेल में उन्होंने लिखा था कि ‘मैं तुम्हारे बारे में बहुत सोचता हूं।’ इन खुलासों ने ब्रिटिश राजनीति और कूटनीति में एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है, जिससे सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। यह स्कैंडल इंटरनेशनल मीडिया में भी चर्चा का विषय बन गया है।

एपस्टीन का काला सच

जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी करोड़पति फाइनेंसर था, जिस पर किशोरियों के यौन शोषण और तस्करी के गंभीर आरोप लगे थे। 2008 में उसे नाबालिग से वेश्यावृत्ति कराने के मामले में 18 महीने जेल की सजा हुई थी। 2019 में फिर से गिरफ्तारी के बाद उसने मैनहटन जेल में आत्महत्या कर ली। उसके खिलाफ चल रहे मामलों में कई प्रभावशाली नेताओं और हस्तियों के नाम भी जुड़े, जिससे यह प्रकरण और भी विवादास्पद बन गया। यह घटनाक्रम ब्रिटेन और अमेरिका के रिश्तों पर भी असर डाल सकता है। इस मामले ने न्याय और नैतिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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