साउथ ब्लॉक से नए एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में होगा शिफ्ट

PMO का नया ठिकाना: सेंट्रल विस्टा में शिफ्ट होगा प्रधानमंत्री कार्यालय! जानिए नई लोकेशन, सुविधाएं और इतिहास

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) जल्द ही अपनी जगह बदलने वाला है! जी हाँ, आपने सही सुना! देश के प्रधानमंत्री का दफ्तर अब साउथ ब्लॉक से निकलकर नए एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में शिफ्ट होने जा रहा है। ये एक बहुत बड़ा बदलाव है और इसकी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। अगर आप भारत सरकार से जुड़ी जानकारी में दिलचस्पी रखते हैं, तो ये खबर आपके लिए खास है!

नवरात्रि से शुरू होगी शिफ्टिंग!

सूत्रों के अनुसार, नवरात्रि के शुभ अवसर पर इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया की शुरुआत होने की संभावना है। प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय को नए एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में स्थानांतरित किया जाएगा। ये ऐतिहासिक कदम है, जो सरकार के कामकाज के तरीके को बदल देगा।

नया परिसर, आधुनिक सुविधाएं और प्रधानमंत्री आवास के करीब!

सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत बन रहे इस एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में आधुनिक सुविधाएं होंगी। ये परिसर प्रधानमंत्री के नए आवास के भी करीब होगा, जिससे प्रशासनिक कामकाज और समन्वय में और तेजी आएगी। यहाँ पर आधुनिक ऑफिस बनेंगे, जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।

साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक बनेंगे संग्रहालय!

सबसे खास बात यह है कि जब प्रधानमंत्री कार्यालय नए एन्क्लेव में पूरी तरह से शिफ्ट हो जाएगा, तब साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक को संग्रहालय में बदल दिया जाएगा। ये दोनों ही ऐतिहासिक इमारतें हैं और देश की विरासत का हिस्सा हैं। इन्हें संग्रहालय बनाकर संरक्षित किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी भी भारत के इतिहास से रूबरू हो सके।

एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव की जानकारी:

  • नया ठिकाना: एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव, जो सेंट्रल विस्टा का हिस्सा है।
  • नई लोकेशन: साउथ ब्लॉक के पास प्लॉट नंबर 36/38 पर।
  • लागत: लगभग 1,189 करोड़ रुपये।
  • परियोजना: पहले 2027 तक पूरा होने की योजना थी, लेकिन जल्द ही इस्तेमाल के लिए तैयार।
  • सुविधाएं: अत्याधुनिक सुविधाएं और आधुनिक ऑफिस

क्यों हो रहा है ये बदलाव?

पुराने ऑफिसों में जगह की कमी और आधुनिक सुविधाओं का अभाव एक बड़ी समस्या थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बात पर चिंता जताई थी कि प्रमुख मंत्रालय दशकों से तंग और अंधेरे कमरों में काम करने को मजबूर रहे हैं। ये बदलाव कार्यकुशलता और प्रशासनिक क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और कार्मिक मंत्रालय पहले ही नए कर्तव्य भवन-3 में स्थानांतरित हो चुके हैं।

भारत सरकार की नई पहल!

ये परियोजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो देश को आधुनिक और विकसित बनाने की दिशा में एक कदम है। PMO का नया ठिकाना, सेंट्रल विस्टा परियोजना और आधुनिक सुविधाएं निश्चित रूप से देश के लिए एक सकारात्मक बदलाव लाएंगे! सरकारी योजनाओं और सरकारी कार्यालयों में हो रहे बदलावों के बारे में अधिक जानकारी के लिए, हमारे ब्लॉग को फॉलो करते रहें!

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