आज का पंचांग: 19 नवंबर 2025, दर्श अमावस्या और बाला जयंती का शुभ संयोग
सनातन धर्म में दर्श अमावस्या का विशेष महत्व है। आज, 19 नवंबर 2025, को मार्गशीर्ष मास की दर्श अमावस्या है। इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करना और पितरों के नाम पर पूजा और दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है और जीवन की सभी समस्याओं से मुक्ति मिलती है। आज दर्श अमावस्या पर बाला जयंती का भी शुभ संयोग है। बाला जयंती का पर्व द्वादश सिद्धिविद्या देवियों में से एक, देवी बाला को समर्पित है, जिनकी पूजा करने से विद्या, बुद्धि और तेज की प्राप्ति होती है। इसलिए, आज का दिन अध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है।
तिथि और दिशा शूल
आज सुबह 9 बजकर 43 मिनट तक मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी, जिसके बाद अमावस्या तिथि का आरंभ होगा। इसके अतिरिक्त, पूरे दिन उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। शुभ मुहूर्त और अशुभ मुहूर्त का ध्यान रखना ज्योतिष में महत्वपूर्ण माना जाता है।
संवत और चंद्रमास
आज का दिन संवत और चंद्रमास के अनुसार भी विशेष है। हिंदू पंचांग में इन दोनों का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार कार्य करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं।
नक्षत्र और करण
आज नक्षत्र की बात करें तो सुबह 07:59 मिनट तक स्वाति नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद विशाखा नक्षत्र का आरंभ होगा। इसके अलावा, सुबह 9 बजकर 44 मिनट तक शकुनि करण रहेगा, जिसके बाद चतुष्पद करण का आरंभ होगा। आज चतुष्पद करण देर रात 11 बजे तक रहेगा। चतुष्पद करण के बाद नाग करण का आरंभ होगा, जो कल सुबह तक रहेगा। नक्षत्र और करण का प्रभाव हमारे दैनिक जीवन पर पड़ता है, इसलिए इनका ज्ञान होना आवश्यक है।
सूर्योदय, सूर्यास्त, चन्द्रोदय और चन्द्रास्त
- सूर्योदय: सुबह 06:47
- सूर्यास्त: शाम 05:26
- चन्द्रोदय: सुबह 06:47 (20 नवंबर)
- चन्द्रास्त: दोपहर 04:35
आज का शुभ समय
शुभ समय में किये गए कार्य सफल होते हैं। पंचांग देखकर ही शुभ मुहूर्त का पता चलता है।
आज का अशुभ समय
अशुभ समय में किसी भी नए कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। राहुकाल और यमगंड जैसे अशुभ मुहूर्त का ध्यान रखना आवश्यक है।
आज के शुभ-अशुभ योग
आज प्रात: काल से लेकर सुबह 9 बजे तक सौभाग्य योग रहेगा। सौभाग्य योग के समाप्त होने के बाद शोभन योग का आरंभ होगा, जो कल सुबह तक रहेगा। इसके अलावा, आज दो बार आडल योग का निर्माण हो रहा है। पहली बार सुबह 06:47 से सुबह 07:59 और दूसरी बार रात 09:04 से लेकर कल सुबह 06:48 मिनट तक रहेगा। शुभ योग और अशुभ योग दोनों का हमारे जीवन पर प्रभाव पड़ता है।
नवग्रहों की स्थिति
- गुरु ग्रह कर्क राशि में
- राहु ग्रह कुंभ राशि में
- शनि ग्रह मीन राशि में
- केतु ग्रह सिंह राशि में
- शुक्र ग्रह और चंद्र ग्रह तुला राशि में (युति स्थिति)
- मंगल ग्रह, सूर्य ग्रह और बुध ग्रह वृश्चिक राशि में (महायुति स्थिति)
ग्रहों की स्थिति का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की चाल और उनकी युति हमारे भविष्य को प्रभावित करती है। इसलिए, ग्रहों की स्थिति का ज्ञान होना बहुत जरूरी है।
