उत्तराखंड में दर्दनाक सड़क हादसा: 3 शिक्षकों की मौत, 1 घायल – सड़क सुरक्षा पर सवाल
उत्तराखंड में एक दुखद घटना में, अल्मोड़ा से हल्द्वानी की ओर जा रही एक कार शिप्रा नदीं में गिर गई, जिसमें 3 शिक्षकों की जान चली गई। यह सड़क हादसा देर रात हुआ, जिससे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
मृतकों की पहचान शिक्षक पुष्कर सिंह भैसोड़ा (50), शिक्षक सुरेंद्र भंडारी (45) और संजय बिष्ट (51) के रूप में हुई है। मनोज कुमार (43) नामक एक अन्य शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए हल्द्वानी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, सभी शिक्षक अल्मोड़ा से एक वैवाहिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए हल्द्वानी जा रहे थे।
जानकारी के अनुसार, गरमपानी के पास कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई और शिप्रा नदी में जा समाई। खैरना थाना पुलिस और एसडीआरएफ टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दुर्भाग्यवश, तीन शिक्षकों को बचाया नहीं जा सका, जबकि मनोज कुमार को गंभीर हालत में निकाला गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि कार बैक करते समय यह हादसा हुआ। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। इस सड़क दुर्घटना ने पहाड़ी रास्तों पर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन रास्तों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिसके कारण अक्सर ऐसे हादसे होते रहते हैं।
एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि घायल शिक्षक को हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है और मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
मृतक पुष्कर सिंह भैसोड़ा एजुकेशनल मिनिस्टीरियल ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष भी थे, जबकि संजय बिष्ट और सुरेंद्र भंडारी राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ, हवालबाग ब्लॉक के पदाधिकारी थे। इस दुर्घटना से शिक्षक समुदाय में शोक और आक्रोश का माहौल है। उत्तराखंड के शिक्षक समाज ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और सरकार से सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की है। यह हादसा उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीरता बरतने की आवश्यकता को दर्शाता है। पहाड़ी रास्ते बेहद खतरनाक होते हैं और यहां वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
