जन्मदिन से पहले महिला की आत्महत्या, दहेज प्रताड़ना से तंग आकर उठाया कदम, शादी के चार महीने बाद हादसा

जलगांव में दहेज प्रताड़ना से तंग आकर युवती की आत्महत्या: दहेज का एक और दर्दनाक मामला

नमस्कार दोस्तों! आज हम एक ऐसी दुखद घटना पर बात करने वाले हैं जिसने एक बार फिर दहेज की कुप्रथा की भयावह सच्चाई को उजागर किया है। महाराष्ट्र के जलगांव जिले में, शादी के सिर्फ चार महीने बाद, 23 वर्षीय युवती ने कथित तौर पर दहेज प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। यह घटना समाज के लिए एक गहरा आघात है और दहेज के खिलाफ हमारी लड़ाई को और तेज करने की आवश्यकता पर जोर देती है।

दुखद घटना की पूरी जानकारी:

जलगांव में, मायुरी गौरव ठोसर नाम की एक युवती ने, जिसकी उम्र महज 23 वर्ष थी, आत्महत्या कर ली। यह घटना उसके जन्मदिन के अगले ही दिन सामने आई। मायुरी की शादी को अभी केवल चार महीने ही हुए थे। पीड़ित परिवार का आरोप है कि विवाह के बाद से ही ससुराल वालों द्वारा उसे लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।

परिवार का आरोप:

मायुरी के परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही ससुराल वालों ने उसे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न देना शुरू कर दिया था। वे लगातार पैसों की मांग करते थे और मायुरी को प्रताड़ित करते थे। परिवार ने कई बार समझौते और बातचीत की कोशिशें कीं, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। इस प्रताड़ना से तंग आकर, मायुरी ने अपनी जिंदगी समाप्त कर ली।

परिवार की मांग:

मृतका के माता-पिता और रिश्तेदारों का आरोप है कि दहेज के लालच ने उनकी बेटी की जिंदगी छीन ली। उन्होंने तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि जब तक आरोपी ससुराल वालों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं देंगे। परिवार का कहना है कि न्याय मिलने तक वे अपनी बेटी का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। यह घटना पुलिस और कानून के लिए एक चुनौती है, और इंसाफ सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।

FIR दर्ज होने में देरी**:

इस मामले में अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पहले वे मामले की जांच करेंगे, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन परिवार पुलिस के इस रुख से नाराज है और तत्काल गिरफ्तारी पर अड़ा हुआ है। यह देरी पीड़ित परिवार के लिए दर्दनाक है और न्याय की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।

हालिया घटनाएं:

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब हाल ही में नोएडा की निक्की भाटी का मामला पूरे देश में सुर्खियों में था। निक्की को उसके ससुराल वालों ने जिंदा जला दिया था। उस मामले में भी लंबे समय से दहेज के लिए प्रताड़ना की बात सामने आई थी। निक्की के जलते हुए घर से बाहर आने का वीडियो वायरल हुआ था, जिसने देश को झकझोर दिया। अब मायुरी का मामला एक बार फिर दिखाता है कि दहेज की कुप्रथा आज भी महिलाओं की जिंदगी छीन रही है।

दहेज एक सामाजिक बुराई है जिसे खत्म करने की सख्त जरूरत है। हमें समाज में जागरूकता बढ़ाने, कानून को सख्त करने और महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है। यह घटना हम सभी के लिए एक चेतावनी है कि हमें दहेज के खिलाफ कठोर कदम उठाने होंगे।

अगर आप या आपके आसपास कोई दहेज प्रताड़ना का शिकार हो रहा है, तो तुरंत पुलिस या महिला हेल्पलाइन से संपर्क करें।

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