दिसंबर 2025 विवाह मुहूर्त: शुभ तिथियां और महत्व
हिन्दू धर्म में विवाह केवल दो लोगों का मिलन नहीं है, बल्कि यह दोनो परिवारों का मेल और धर्म, नीति व संस्कारों का पालन भी माना जाता है. विवाह संस्कार को हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि यह जीवन के चार पुरुषार्थो, धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को संतुलित करने में मदद करता है. विवाह केवल व्यक्तिगत सुख-समृद्धि का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक कर्तव्य और पारिवारिक जिम्मेदारी का प्रतीक भी है. विवाह मुहूर्त के द्वारा न केवल जीवन साथी का चयन होता है, बल्कि परिवार, समाज और संस्कृति के मूल्य भी बनाए जाते हैं.
विवाह के लिए क्यों देखते हैं मुहूर्त?
हिन्दू धर्म में विवाह के समय मुहूर्त यानी शुभ समय देखना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति विवाह के सफलता और जीवन सुख-समृद्धि पर असर डालती है. शुभ मुहूर्त में विवाह करने से न केवल दांपत्य जीवन में सामंजस्य और प्रेम बना रहता है, बल्कि संतान सुख, स्वास्थ्य और आर्थिक समृद्धि की संभावनाएं भी बढ़ती हैं. इसके अलावा, मुहूर्त पर विवाह करने से धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से भी यह अनुकूल माना जाता है.
विवाह का सामाजिक-पारिवारिक महत्व
विवाह का सामाजिक महत्व भी बहुत बड़ा है. यह केवल दो व्यक्तियों का मेल नहीं, बल्कि दो परिवारों और समुदायों का संगम होता है. विवाह के माध्यम से समाज में सामाजिक स्थिरता, मेलजोल और पारिवारिक मूल्यों का विकास होता है. पारिवारिक दृष्टि से, विवाह संबंध संबंधों को मजबूत करने, आपसी सहयोग और समर्थन बढ़ाने का माध्यम है. यह बच्चों के पालन-पोषण, परंपराओं के संरक्षण और संस्कारों के प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसलिए विवाह मुहूर्त 2025 का खास महत्व है।
दिसंबर 2025 के लिए सबसे शुभ विवाह मुहूर्त
द्रिक पंचांग के अनुसार, दिसंबर 2025 महीने में केवल 10 दिसंबर तक ही रोका, सगाई और शुभ विवाह होंगे. 10 दिसमबर तक भी इस महीने में विवाह के शुभ मुहूर्त केवल 3 दिन ही है. 11 दिसंबर से इन सभी मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी, क्योंकि 11 दिसंबर से शुक्र तारा यानी शुक्र ग्रह अस्त हो रहे हैं. आइए जानते हैं, दिसंबर में किस-किस दिन विवाह के उपयुक्त और शुभ दिन हैं?
| तारीख | दिन | मुहूर्त | नक्षत्र | तिथि |
| दिसंबर 4, 2025 | बृहस्पतिवार | 06:40 पी एम से 06:59 ए एम, दिसंबर 05 | रोहिणी | पूर्णिमा, प्रतिपदा |
| दिसंबर 5, 2025 | शुक्रवार | 06:59 ए एम से 07:00 ए एम, दिसंबर 06 | रोहिणी, मृगशिरा | प्रतिपदा, द्वितीया |
| दिसंबर 6, 2025 | शनिवार | 07:00 ए एम से 08:48 ए एम | मृगशिरा | द्वितीया |
इसलिए, यदि आप दिसंबर 2025 में विवाह करने की योजना बना रहे हैं, तो इन शुभ विवाह मुहूर्त का लाभ उठाएं और अपने जीवन की नई शुरुआत करें. भारतीय विवाह परंपराओं का पालन करते हुए, ज्योतिष के अनुसार शुभ समय का चयन करना आपके भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। 2025 विवाह मुहूर्त को ध्यान में रखकर आप अपने वैवाहिक जीवन को सुखमय बना सकते हैं। दिसंबर विवाह मुहूर्त 2025 आपके लिए नई उम्मीदें लेकर आ सकता है।
