सूडान में मस्जिद पर RSF का ड्रोन हमला, 75 नागरिकों की दर्दनाक मौत

सूडान में ताजा संघर्ष और अल-फशर की स्थिति: नवीनतम समाचार

नमस्ते दोस्तों! आज हम बात करेंगे सूडान में चल रहे गृह युद्ध की और जानेंगे अल-फशर शहर की ताजा स्थिति। यह शहर पिछले 18 महीनों से अर्धसैनिक घेराबंदी में है और दारफुर की अंतिम राज्य राजधानी है जो अभी भी सूडान की सेना के नियंत्रण में है। आइए, इस सूडान संकट पर विस्तार से चर्चा करते हैं।

सूडान समाचार की मानें तो, सूडान में युद्ध एक भयानक त्रासदी बन गया है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। हाल ही में, रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) ने अल-फशर के पास स्थित एक विस्थापित लोगों के शिविर में मौजूद एक मस्जिद पर ड्रोन हमला किया, जिसमें 75 लोगों की मौत हो गई। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब RSF इस शहर पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रही थी। यह घटना सूडान संघर्ष की भयावहता को दर्शाती है।

यह हमला सूडान में मानवीय संकट की एक और मिसाल है। स्थानीय स्वयंसेवी समूह, इमरजेंसी रिस्पांस रूम, जो शिविर में राहत कार्यों का समन्वय कर रहा है, ने बताया कि हमला उत्तरी दारफुर की राजधानी के ठीक बाहर अबू शौक शिविर की एक मस्जिद पर हुआ। समूह ने कहा कि मस्जिद के मलबे से शवों को निकाला गया है। इस घटना पर RSF की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

सूडान में चल रही आंतरिक जंग ने देश को दो भागों में विभाजित कर दिया है। सूडान की सेना देश के उत्तर, पूर्व और मध्य भागों पर नियंत्रण बनाए हुए है, जबकि RSF ने दक्षिण के बड़े हिस्से और दारफुर के अधिकांश भाग पर अपना प्रभुत्व जमा लिया है। RSF ने यहाँ समानांतर प्रशासनिक संरचनाएँ भी स्थापित करना शुरू कर दिया है।

अल-फशर शहर, जो सूडान में युद्ध का केंद्र बना हुआ है, दारफुर की एकमात्र राज्य राजधानी है जो अभी भी सेना के नियंत्रण में है। अप्रैल 2023 से ही यह शहर RSF के साथ विनाशकारी युद्ध में फंसा हुआ है। अगर शहर RSF के हाथ में चला जाता है, तो इससे इस क्षेत्र पर उनका पूर्ण क्षेत्रीय प्रभुत्व स्थापित हो जाएगा। संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार समूहों ने पहले ही इस क्षेत्र में जातीय आधार पर लोगों की हत्या सहित बड़े पैमाने पर अत्याचारों की रिपोर्ट दी है।

सूडान में युद्ध, जो अब अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है, ने सूडान के लोगों के जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है। इस सूडान संकट के कारण हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 12 मिलियन लोग विस्थापित हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इस संकट को दुनिया का सबसे बड़ा विस्थापन और भूख संकट बताया है। यह सूडान युद्ध एक ऐसी त्रासदी है जिसकी पीड़ा को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

हमें उम्मीद है कि यह ब्लॉग आपको सूडान की स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान करेगा। हम सूडान में शांति और स्थिरता की कामना करते हैं और सभी से मानवीय प्रयासों का समर्थन करने का आग्रह करते हैं। इस सूडान संकट से संबंधित नवीनतम समाचार के लिए हमारे साथ बने रहें।

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