20 वर्षीय युवक ने 14 साल की नाबालिग से बार-बार दुष्कर्म कर बनाया गर्भवती, 63 साल की जेल की सज़ा!

केरल में नाबालिग से यौन शोषण का मामला: कोर्ट ने सुनाया फैसला, दोषी को 63 साल की सज़ा

नमस्कार दोस्तों! आज हम बात करेंगे केरल से आई एक बेहद ही गंभीर खबर की, जिसमें एक नाबालिग लड़की के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। इस केस की गंभीरता को देखते हुए, यह खबर हर किसी के लिए जानना ज़रूरी है।

केरल रेप केस में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 20 वर्षीय युवक को नाबालिग से बार-बार बलात्कार करने और उसे गर्भवती करने के अपराध में 63 साल की कड़ी सज़ा सुनाई है। इसके साथ ही, कोर्ट ने दोषी पर 55,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस फैसले से समाज में न्याय की भावना को बल मिला है।

जज अंजू मीरा बिड़ला ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि जुर्माने की राशि पीड़िता को दी जाएगी। अगर दोषी जुर्माने की राशि अदा करने में विफल रहता है, तो उसे 3 साल और 6 महीने की अतिरिक्त जेल की सज़ा भुगतनी होगी। यह सज़ा पीड़ित के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह दर्दनाक घटना नवंबर 2022 की है। दोषी ने 8 साल की पीड़िता के साथ पहले दोस्ती की और उसके बाद यौन शोषण किया। आरोपी ने एक दिन उसे पास के एक खाली घर में ले जाकर रेप किया। इस घटना के बाद, लड़की गर्भवती हो गई, और यह मामला तब सामने आया जब उसे अस्पताल ले जाया गया। इस केस ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।

लड़की की जान बचाने के लिए गर्भपात

अस्पताल के मेडिकल स्टाफ ने तुरंत पुलिस को इस घटना की जानकारी दी। पीड़िता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, उसका गर्भपात किया गया। DNA जांच से यह साबित हुआ कि आरोपी ही रेप के लिए ज़िम्मेदार था।

जुवेनाइल कोर्ट में पहले से चल रहा था केस

चौंकाने वाली बात यह है कि यही आरोपी पहले से ही एक जुवेनाइल कोर्ट में इसी लड़की को प्रताड़ित करने के आरोप में मुकदमे का सामना कर रहा था। जमानत पर रिहा होने के बाद, उसने फिर से उसी लड़की को प्रताड़ित किया। जांचकर्ताओं के अनुसार, उसने पहले लड़की का अपहरण किया और मनाकौड के एक सुनसान घर में ले जाकर रेप किया। यह केस अभी भी कोर्ट में चल रहा है।

यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है। बच्चों की सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ अपराध को रोकना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें कानून का पालन करना चाहिए और पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। यौन शोषण एक गंभीर अपराध है और इसके खिलाफ हमें एकजुट होकर लड़ना होगा।

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