पंजाब में मुख्यमंत्री की नहीं सुन रहे अफसर:सिक्योरिटी घटाने के लिए CM चन्नी को तीसरी बार DGP को जारी करने पड़े आदेश

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  • In Punjab, The Officers Are Not Listening To The Chief Minister, To Reduce The Security, CM Channi Had To Issue Orders To The DGP For The Third Time.

जालंधर3 घंटे पहले

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पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के CM कुर्सी से हटने के बावजूद अफसरों का रवैया बरकरार है। यही वजह है कि नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपनी सिक्योरिटी घटाने के लिए अफसरों से भिड़ना पड़ रहा है। उन्होंने DGP को तीसरी बार आदेश देना पड़ा। जिसमें उन्होंने अपनी सिक्योरिटी घटाने को कहा है। अब पंजाब में नए कार्यकारी डीजीपी के तौर पर इकबालप्रीत सहोता आ गए हैं। इससे पहले दिनकर गुप्ता इस पद पर थे।

CM चरणजीत चन्नी ने आदेश में लिखा कि 20 सितंबर को उन्होंने शपथ ली थी। इसके बाद डीजीपी को हिदायत की थी कि उनकी सिक्योरिटी में तैनात कर्मचारियों को कम किया जाए। इसके बाद 22 सितंबर को फिर डीजीपी को हिदायत दी। इसके बावजूद उनकी सुरक्षा में कमी नहीं हुई है। चन्नी ने कहा कि वह फिर आदेश करते हैं कि उनकी सिक्योरिटी काे कम किया जाए।

CM चन्नी की तरफ से जारी किया आदेश।

CM चन्नी की तरफ से जारी किया आदेश।

चन्नी ने कहा था कमरे जैसी गाड़ी और एक हजार कर्मचारी दे दिए

CM चन्नी कुछ दिन पहले PTU कपूरथला के एक कार्यक्रम में आए थे। वहां उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनते ही उन्हें कमरे जैसी गाड़ी दे दी गई। जिसकी कीमत 2 करोड़ है। उनकी सुरक्षा में एक हजार कर्मचारी लगा दिए गए। आगे-पीछे 200 गाड़ियां चलती हैं। चन्नी ने कहा था कि इससे बढ़िया इन लोगों को पुलिस थानों में लगाया जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी से कोई खतरा नहीं है। कोई उन्हें क्यों मारेगा?

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प्रोटोकॉल की भी बाधा

पंजाब में पहले मुख्यमंत्री रहे नेताओं के हिसाब से प्रोटोकॉल बना है। पहले रहे मुख्यमंत्रियों में कोई जेड तो कोई जेड प्लस सिक्योरिटी वाले रहे हैं। इस लिहाज से पंजाब के मुख्यमंत्री के लिए सिक्योरिटी प्रोटोकॉल तय कर दिया गया है। चन्नी अब CM बने हैं तो उनके लिए भी उसी प्रोटोकॉल के हिसाब से सुरक्षा दी गई है। हालांकि बिना इंटेलिजेंस की सहमति के अफसर एक CM की सुरक्षा कम करने से कतरा रहे हैं। इसी वजह से पुलिस अफसर इसे टाल रहे हैं।

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