सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल:बिल्डर द्वारा बनाए एग्रीमेंट में शर्तें अस्पष्ट होती हैं, क्यों न केंद्र आदर्श बिल्डर-खरीदार एग्रीमेंट तैयार कराए; चार सप्ताह में मांगा जवाब

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नई दिल्लीएक घंटा पहले

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जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा- यह महत्वपूर्ण विषय है, ऐसा आदर्श एग्रीमेंट खरीदारों को शोषण से बचाने में मददगार हो सकता है। - Dainik Bhaskar

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा- यह महत्वपूर्ण विषय है, ऐसा आदर्श एग्रीमेंट खरीदारों को शोषण से बचाने में मददगार हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अक्सर बिल्डर द्वारा तैयार एग्रीमेंट की शर्तें अस्पष्ट होती हैं। इससे खरीदार को नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए अदालत इस मुद्दे पर केंद्र का पक्ष लेकर विचार करना चाहती है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मसले पर केंद्र सरकार को नोटिस भी जारी किया। उससे चार सप्ताह में जवाब मांगा गया है।

दरअसल, भाजपा नेता व वकील अश्वनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें देशभर में बिल्डरों द्वारा एग्रीमेंट में तय की जाने वाली मनमानी शर्तों के कारण खरीदारों को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया है। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार को निर्देश जारी किया जाए, ताकि वह एक आदर्श बिल्डर-खरीदार एग्रीमेंट तैयार करे, जिसे देशभर में लागू किया जाए। इस पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, ‘यह महत्वपूर्ण विषय है। ऐसा आदर्श एग्रीमेंट खरीदारों को शोषण से बचाने में मददगार हो सकता है।

क्या राज्य सरकारें भी ऐसा एग्रीमेंट बना सकती हैं?

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड ने बिल्डर-खरीदार एग्रीमेंट मामले में भी हम पहले यह जानना चाहते हैं कि क्या ऐसा एग्रीमेंट बनाने का अधिकार केंद्र सरकार के पास ही है? या राज्य सरकारें भी खुद से ऐसा कर सकती हैं? इस पर याचिकाकर्ता के वकील विकास सिंह ने कहा कि राज्य सरकारें ऐसा कर सकती हैं। लेकिन अगर केंद्र सरकार यह एग्रीमेंट तैयार करती है तो उसे देश के सभी राज्यों में लागू कराना आसान होगा।

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