पंजाब की सियासत में PK की एंट्री:CM चन्नी ने कही इंगेज करने की बात; अगस्त में अमरिंदर के प्रिंसिपल एडवाइजर का पद छोड़ा था

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चंडीगढ़2 घंटे पहलेलेखक: मनीष शर्मा

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पंजाब की सियासत में नई हलचल पैदा हो गई है। इसकी वजह राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) हैं। मंगलवार देर शाम CM चरणजीत चन्नी ने मंत्रियों और विधायकों के साथ मीटिंग के दौरान पीके के नाम की चर्चा की। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस इंचार्ज हरीश चौधरी ने पीके को इंगेज करने के लिए कहा है। इसके बाद चर्चा शुरू हो गई है कि क्या पंजाब कांग्रेस के अगले चुनाव की रणनीति पीके तैयार करेंगे। पीके ने अगस्त महीने में ही कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रमुख सलाहकार का पद छोड़ा था। उस समय कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के सीएम थे।

सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि पंजाब सरकार ने हाल ही में जो फैसले लिए, कहीं वो PK की चुनावी रणनीति का ही हिस्सा तो नहीं हैं। सरकार ने हाल ही में बिजली बिल का बकाया माफ किया। बिजली की दरें भी 3 रुपए प्रति यूनिट घटा दी। शहरी हिस्सों में सीवरेज-पानी के बकाया बिल माफ कर दिए। इसके अलावा इनका भी रेट घटा दिया।

सीएम चन्नी ने कहा, बिजली बिल माफी और रेट घटाने का फैसला रामबाण

सीएम चरणजीत चन्नी ने 2 किलोवाट तक के बिजली बिल के बकाया माफी को रामबाण बताया। इसमें सरकार ने करीब 1500 करोड़ रुपए बकाया माफ किए। पंजाब में इसके दायरे में करीब 53 लाख परिवार आ गए। सीएम ने कहा कि इसके बाद हमने बिजली के रेट भी घटा दिए। सीएम ने कहा कि डेढ़ महीना बचा है। अगर विधायक, मंत्री और नेता कुछ और करना चाहते हैं तो करवा सकते हो। इन फैसलों से वर्करों और लोगों में उत्साह है। इसे लेकर लोगों के बीच जाएं।

मंत्रियों-विधायकों से बात करते सीएम चन्नी। साथ में नवजोत सिद्धू और हरीश चौधरी।

मंत्रियों-विधायकों से बात करते सीएम चन्नी। साथ में नवजोत सिद्धू और हरीश चौधरी।

अमरिंदर ने दिया था कैबिनेट रैंक

कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब में कांग्रेसी CM थे तो उन्होंने करीब 8 महीने पहले प्रशांत किशोर को प्रिंसिपल एडवाइजर बनाया था। उन्हें कैबिनेट रैंक दिया गया था। इसके साथ एक रुपए वेतन रखा गया था। उन्हें 2022 के लिए पंजाब कांग्रेस की चुनावी रणनीति तय करनी थी। उन्होंने विधायकों और अफसरों से मीटिंग भी की। वह सरकार के बारे में फीडबैक ले रहे थे। इसको लेकर विपक्ष ने भी खूब निशाने साधे। हालांकि अचानक पीके ने इसी साल अगस्त के पहले हफ्ते में यह पद छोड़ दिया था।

कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ प्रशांत किशोर। (फाइल फोटो)

कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ प्रशांत किशोर। (फाइल फोटो)

2017 में दिलाई थी पंजाब कांग्रेस को जीत

प्रशांत किशोर पंजाब की राजनीति के लिए नए नहीं हैं। 2017 में उन्होंने पंजाब की चुनावी रणनीति बनाई थी। जिसमें कांग्रेस 77 सीटें जीती। कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री बन गए। उन्होंने कॉफी विद कैप्टन समेत कई तरह के लुभावने नारों से कैप्टन अमरिंदर के पक्ष में पूरा माहौल खड़ा किया था।

कांग्रेस के खिलाफ ही कर चुके भविष्यवाणी

प्रशांत किशोर हाल ही में तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने गोवा यात्रा के दौरान कहा कि भारतीय जनता पार्टी आने वाले दशकों तक भारतीय राजनीति में एक बड़ी ताकत बनी रहेगी। उन्होंने कहा था कि जैसे कांग्रेस पहले 40 वर्षों तक भारतीय राजनीति के केंद्र में थी, उसी तरह BJP भी, चाहे हारे या जीते, राजनीति के केंद्र में रहेगी। एक बार जब आप राष्ट्रीय स्तर पर 30% वोट हासिल कर लेते हैं तो इतनी जल्दी राजनीतिक तस्वीर से नहीं हटते। उन्होंने यह भी कहा था कि राहुल गांधी भ्रम में हैं और उन्हें गलत लगता है कि समय के साथ लोग नरेंद्र मोदी को हटा देंगे।

गोवा में पीके ने यह बात भी कही थी।

गोवा में पीके ने यह बात भी कही थी।

बीजेपी से शुरू किया था काम

प्रशांत किशोर ने सबसे पहले बीजेपी और नरेंद्र मोदी के साथ गुजरात में कैम्पेन शुरू किया। 2012 में उन्होंने नरेंद्र मोदी को गुजरात का CM बनाने के लिए चुनाव रणनीति बनाई। 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रशांत नरेंद्र मोदी के कैम्पेन स्ट्रैटजिस्ट्स थे। तब BJP को पूर्ण बहुमत मिलने के पीछे उनकी रणनीति का भी हाथ रहा।

इसके बाद बिहार चुनाव में नीतीश और लालू के साथ महागठबंधन की सरकार बनवाने में सफल रहे। इसके बाद ही कांग्रेस ने यूपी और पंजाब सहित बाकी राज्यों के चुनावों में जीत दिलाने के लिए प्रशांत किशोर को अपने साथ किया था। हाल ही में पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की जीत में भी उनकी अहम भूमिका रही। उन्होंने ममता की पूरी चुनावी रणनीति तैयार की।

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