12 फोटोज में हमीदिया अस्पताल हादसा:बिलखते परिजन नवजातों के शव गोद में लेकर इंसाफ मांग रहे; हर आंख में आंसू और गुस्सा

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भोपाल9 घंटे पहले

हमीदिया अस्पताल ने जो दर्द दिया है, उसे भोपाल कभी नहीं भूल पाएगा। 8 नवंबर को रात 9 बजे हमीदिया के कमला नेहरू अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में आग लगने से 10 बच्चों की मौत हो गई। हालांकि प्रशासन सिर्फ 4 बच्चों की मौत की पुष्टि कर रहा है।

सोमवार रात से लेकर मंगलवार तक अस्पताल में सिर्फ रोते-बिलखते परिजन ही दिखाई देते रहे। अफसर आए-गए, लेकिन जवाब देने वाला कोई नहीं। कुछ लोगों के बच्चे बदलने की घटनाएं भी सामने आईं। अस्पताल में परिजनों की गोद में नवजातों के शव देखकर लोगों की आंखों में आंसू आ गए। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने धरना भी शुरू कर दिया। 12 तस्वीरों में देखिए हादसे के बाद का मंजर…

लोगों का आरोप है कि अस्पताल में लापरवाही बरती जा रही है। बच्चों के शव परिजन को बिना पोस्टमॉर्टम के ही दिए जा रहे हैं।

लोगों का आरोप है कि अस्पताल में लापरवाही बरती जा रही है। बच्चों के शव परिजन को बिना पोस्टमॉर्टम के ही दिए जा रहे हैं।

महिला के दो दिन के बच्चे के शव को अस्पताल प्रबंधन ने बिना पोस्टमॉर्टम के ही दे दिया। शव को अस्पताल से उसकी मां गोद में ही ले गई।

महिला के दो दिन के बच्चे के शव को अस्पताल प्रबंधन ने बिना पोस्टमॉर्टम के ही दे दिया। शव को अस्पताल से उसकी मां गोद में ही ले गई।

अस्पताल में इस मासूम का शव झुलस गया। बच्चे के शव का पीएम तक नहीं हो सका। बच्चे की मौत का कारण भी स्पष्ट नहीं किया गया।

अस्पताल में इस मासूम का शव झुलस गया। बच्चे के शव का पीएम तक नहीं हो सका। बच्चे की मौत का कारण भी स्पष्ट नहीं किया गया।

हमीदिया में आग की घटना के बाद परिजन की आंखों में आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। उनके पास सिवा हाथ मलने के कुछ नहीं था।

हमीदिया में आग की घटना के बाद परिजन की आंखों में आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। उनके पास सिवा हाथ मलने के कुछ नहीं था।

अस्पताल के SNCU में रात को स्थिति ये बन गई कि एक ही बोतल से 4 से 5 मासूमों को ड्रिप चढ़ाई गई।

अस्पताल के SNCU में रात को स्थिति ये बन गई कि एक ही बोतल से 4 से 5 मासूमों को ड्रिप चढ़ाई गई।

अस्पताल के SNCU में भर्ती बच्चे को गंभीर अवस्था में दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया। अपने लाडले को एम्बुलेंस तक ले जाती महिला।

अस्पताल के SNCU में भर्ती बच्चे को गंभीर अवस्था में दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया। अपने लाडले को एम्बुलेंस तक ले जाती महिला।

अस्पताल में परिजन अफसरों के सामने बच्चों का पता करवाने और बच्चों को बचाने की हाथ जोड़कर गुहार लगाते रहे।

अस्पताल में परिजन अफसरों के सामने बच्चों का पता करवाने और बच्चों को बचाने की हाथ जोड़कर गुहार लगाते रहे।

हमीदिया में लापरवाही के चलते हुई इस घटना से गुस्साए परिजनों ने मंगलवार दोपहर धरना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि प्रशासन ठीक से जवाब तक नहीं दे रहा।

हमीदिया में लापरवाही के चलते हुई इस घटना से गुस्साए परिजनों ने मंगलवार दोपहर धरना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि प्रशासन ठीक से जवाब तक नहीं दे रहा।

देर रात से इस महिला के बच्चे का पता नहीं चल पाया। सुबह उसे बच्चे का शव सौंपा गया, लेकिन उसका आरोप था कि उसका बच्चा जिंदा था।

देर रात से इस महिला के बच्चे का पता नहीं चल पाया। सुबह उसे बच्चे का शव सौंपा गया, लेकिन उसका आरोप था कि उसका बच्चा जिंदा था।

कमला नेहरू अस्पताल में हादसे के बाद मंगलवार सुबह भीड़ लग गई। यहां बड़ी संख्या में मीडिया, परिजन और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

कमला नेहरू अस्पताल में हादसे के बाद मंगलवार सुबह भीड़ लग गई। यहां बड़ी संख्या में मीडिया, परिजन और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

इस महिला को जैसे ही अपने बच्चे की मौत के बारे में पता चला, तो वह गिड़गिड़ाकर रोने लगी।

इस महिला को जैसे ही अपने बच्चे की मौत के बारे में पता चला, तो वह गिड़गिड़ाकर रोने लगी।

पढ़िए:- पूरा घटनाक्रम

आग बुझाने वाले हाईड्रेंट और फायर एक्सटिंग्विशर खराब निकले

आग के बाद चारों ओर अफरा-तफरी और रोते- बिलखते परिजन

जिसे 9 महीने कोख में पाला, उसका चेहरा तक नहीं देख सकी

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हमीदिया हादसे की कहानी, चश्मदीदों की जुबानी

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आंसू दे गया हमीदिया हादसा, देखिए VIDEO

10 तस्वीरों में देखिए हमीदिया हादसा

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