‘सिद्धू वाणी’:जालंधर के KMV में ‘पंजाब दा भविख’ प्रोग्राम में नवजोत बोले-सियासत हावी होती है तो इस्तीफा दे देता हूं

सुनील राणा/जालंधर7 घंटे पहले

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पंजाब कांग्रेस की ओर से जालंधर स्थित कन्या महाविद्यालय (KMV) में शनिवार को आयोजित ‘पंजाब दा भविख’ (पंजाब का भविष्य) प्रोग्राम में पार्टी प्रदेशाध्यक्ष नवजोत सिद्धू ने अपने अंदाज और शेरो-शायरी से महफिल लूट ली। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं के साथ बातचीत से जुड़े इस प्रोग्राम के दौरान सभागार में मौजूद छात्राओं ने भी ‘सिद्धू वाणी’ पर जमकर तालियां ठोकी।

छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुए सिद्धू ने कहा कि आज पंजाब में लोगों के पास डिग्रियां बहुत हैं मगर नौकरियां नहीं है। अवसर होने पर ही टैलेंट की कद्र पड़ती है। किसी भी देश, राज्य या संस्थान में अवसर पैदा किए जाते हैं लेकिन उसमें यदि कुछ आड़े आ रहा है तो वह है भारत की शिक्षा प्रणाली। भारत का एजुकेशन सिस्टम व्यवसायिक नहीं है। इसे बदलने की जरूरत है ताकि पढ़ने के बाद छात्र-छात्राएं इस योग्य बन सकें कि अपने टैलेंट के बूते कहीं भी नौकरी पा सकें।

‘पंजाब दा भविख’ प्रोग्राम में नवजोत सिद्धू, अलका लांबा व अन्य।

‘पंजाब दा भविख’ प्रोग्राम में नवजोत सिद्धू, अलका लांबा व अन्य।

सिद्धू ने कहा कि भारत का एजुकेशन सिस्टम खानापूर्ति वाला है। यहां लोग पढ़-लिख तो जाते हैं परंतु फिर भी वे हताश रहते हैं क्योंकि नौकरियां नहीं है। यदि यूथ के पास सही टैलेंट होगा तो नौकरियां उनके पीछे-पीछे भागेंगी। एजुकेशन कामधेनु गाय की तरह है जो सभी इच्छाएं पूरी करती है। यह वो धन है जिसे कोई चुरा नही सकता। अच्छी एजुकेशन कुरुप को भी स्मार्ट बना देती है। कभी किसी को कॉपी मत करो।

नौकरियों को लेकर कैप्टन, केजरी और मोदी पर तंज

सिद्धू ने जॉब के मुद्दे पर पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर तंज कसे। उन्होंने कहा, ‘एक आए और कहा कि 26 लाख नौकरियां देंगे, घर-घर नौकरी देंगे। फिर दूसरे आए और बोले कि कैप्टन साब की पर्ची रखो, हम आपको नौकरी देंगे। इनसे भी ऊपर दिल्ली में आए जिन्होंने दो करोड़ नौकरियां देने की बात कही। मगर हकीकत में कितनों को नौकरियां मिलीं? सब शिगूफे निकले।’

कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम लिए बगैर सिद्धू ने कहा कि अगर पंजाब में 26 लाख लोगों को नौकरियां देनी हो तो कम से कम 93 हजार करोड़ रुपए का बजट चाहिए। बताओ कितनों को नौकरी मिली? प्रधानमंत्री कहते रहे कि 2 करोड़ नौकरियां देंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने 8 लाख को रोजगार देने का वादा किया मगर असल में पांच हजार को भी नहीं मिली।

‘पंजाब दा भविख’ प्रोग्राम में नवजोत सिद्धू, अलका लांबा व अन्य।

‘पंजाब दा भविख’ प्रोग्राम में नवजोत सिद्धू, अलका लांबा व अन्य।

पंजाब की महिलाएं भिखारी नहीं

अरविंद केजरीवाल के 2022 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने की सूरत में प्रदेश की हर महिला को हर महीने एक हजार रुपए देने की गारंटी पर तंज कसते हुए सिद्धू ने कहा कि ऐसे शिगूफे छोड़ना बंद करें। क्या उन्होंने पंजाब की महिलाओं को भिखारी समझ रखा है? पंजाबियों को मुफ्त में कुछ नहीं चाहिए। पंजाब के लोगों को ऐसा एजुकेशन सिस्टम चाहिए जो उन्हें पैरों पर खड़ा होना सिखाए।

सिद्धू ने कहा कि पंजाबी इतने सक्षम हैं कि सरकार से एक हजार रुपए लेने की जगह एक-एक हजार रुपए लोगों में बांट सकते हैं। कुछ नेता लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। पंजाब में 18 साल से अधिक उम्र की हर महिला को हर महीने एक-एक हजार रुपए देने के लिए 12 हजार करोड़ रुपए का बजट चाहिए। इन्हें बताना चाहिए कि यह पैसा आएगा कहां से? बिजली भी फ्री नहीं चाहिए मगर तीन रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से 24 घंटे चाहिए।

‘पंजाब दा भविख’ प्रोग्राम में नवजोत सिद्धू व अन्य।

‘पंजाब दा भविख’ प्रोग्राम में नवजोत सिद्धू व अन्य।

पंजाब मेरा जुनून, इसलिए लोग मुझे पागल कहते हैं

सिद्धू ने कहा, ‘ जब मुझे लगता है कि सियासत बोझ बन गई है तो मैं उसे दूर फेंक देता हूं। उसके बाद पार्टियों वाले फिर मुझे ढूंढकर ले आते है। जब मुझे लगता है कि सियासत मुझ पर हावी हो रही है और मुझे रात को नींद नहीं आती तो मैं इस्तीफा दे दैता हूं। मैं सच्चाई से पीछे नहीं हट सकता। मैं जुनूनी हूं। तभी तो लोग मुझे पागल भी कहते हैं। मेरा जुनून पंजाब है। मैं पंजाब की बेहतरी के लिए खड़ा था, खड़ा हूं और खड़ा रहूंगा।‘

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