पाक मीडिया में छाया जनरल रावत का क्रेश:पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइटों ने भी बनाया हादसे को टॉप खबर, CDS रावत को बताया मोदी सरकार का सबसे करीबी

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत का MI-17 हेलिकॉप्टर बुधवार को तमिलनाडु में कुन्नूर जिले के जंगल में क्रैश हो गया। इस एक्सीडेंट पर पाकिस्तान की मीडिया भी पैनी नजर रख रही है। वहां की तमाम वेबसाइट्स पर यह खबर टॉप न्यूज बनी हुई है। इस बारे में अपडेट्स दिए जा रहे हैं।

हेलिकॉप्टर में क्रैश होते ही आग लग गई थी।

हेलिकॉप्टर में क्रैश होते ही आग लग गई थी।

दावा- PM मोदी के करीबी, इसलिए बिना नंबर के बने सेना प्रमुख

तकरीबन सभी पाकिस्तानी अखबारों में हादसे की कवरेज के साथ ही जनरल रावत का प्रोफाइल भी बताया गया है। इसमें उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी बताया गया है। साथ ही इस बात को भी बेहद प्रमुखता दी गई है कि PM मोदी का करीबी होने के कारण ही जनरल रावत को सेना प्रमुख के पद से रिटायरमेंट के दिन ही देश का पहला CDS बनने का मौका मिलने का दावा किया गया।

पाकिस्तानी अखबारों ने इस बात को भी बेहद प्रमुखता से लिखा है कि जनरल रावत को मोदी से नजदीकी के कारण ही 2015 में बिना नंबर के सेना प्रमुख बनने का मौका मिला था। ‘डान’ अखबार ने अपनी खबर में यह भी दावा किया कि जनरल रावत को इसी नजदीकी के कारण दो अधिकारियों के उनसे ज्यादा वरिष्ठ होने के बावजूद सीधे सेना प्रमुख बनाया गया।

हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है।

हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है।

सभी अखबारों ने कश्मीर और चीन सीमा पर तैनाती का किया जिक्र

पाकिस्तानी अखबारों ने जनरल रावत के कश्मीर और चीन सीमा से जुड़े अनुभव का भी जिक्र किया। सभी ने लिखा है कि जनरल रावत ने अपने 40 साल से ज्यादा लंबे करियर में लंबा समय कश्मीर में सैन्य अभियानों का नेतृत्व करने और चीन से जुड़ी सीमा पर भारतीय सेना की अगुआई करने में बिताया है।

हादसे की जगह पर कुछ लोग बुरी तरह घायल हालत में मिले।

हादसे की जगह पर कुछ लोग बुरी तरह घायल हालत में मिले।

किस अखबार ने हादसे पर क्या लिखा

‘डान’ अखबार ने भारतीय वायुसेना के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर पोस्ट मैसेज और भारतीय न्यूज एजेंसियों की तरफ से दी जा रही जानकारी से एक्सीडेंट की खबर को कवर किया है। अखबार की रिपोर्ट में विस्तार से एक्सीडेंट का ब्योरा दिया गया है। साथ ही MI-17 हेलिकॉप्टर से हाल में हुए हादसों का भी ब्योरा दिया गया है।

‘ट्रिब्यून’ अखबार में भी जनरल रावत के एक्सीडेंट को सबसे टॉप न्यूज के तौर पर तवज्जो दी गई। भारतीय मीडिया में आ रही जानकारियों पर आधारित रिपोर्ट में हादसे की विस्तार से जानकारी दी गई।

बचाव कर्मियों को जंगल के कठिन हालात में बहुत मुश्किल उठानी पड़ी।

बचाव कर्मियों को जंगल के कठिन हालात में बहुत मुश्किल उठानी पड़ी।

‘डेली पाकिस्तान’ अखबार ने भारतीय मीडिया में जारी की गई वीडियो फुटेज का इस्तेमाल करते हुए हादसे को कवर किया गया है। अखबार ने यह भी बताया है कि जनरल रावत की मौत को लेकर अभी तक किसी के पास पुख्ता जानकारी नहीं है।

उर्दू अखबार ‘जंग’ ने हादसे में 11 लोगों की मौत की खबर भारतीय मीडिया के हवाले से दी है। साथ ही इस बात को भी प्रमुखता से बताया गया कि हादसे में सभी शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल है। एक अन्य उर्दू अखबार ‘एक्सप्रेस’ ने भी इस खबर को जनरल रावत के फोटो के साथ बेहद प्रमुखता से कवर किया है।

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