डोनाल्ड ट्रंप का यूक्रेन शांति प्लान: क्या रूस-यूक्रेन युद्ध होगा खत्म?
रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक 28 सूत्रीय शांति योजना का प्रस्ताव रखा है. इस योजना को व्हाइट हाउस का समर्थन प्राप्त है और इसे अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ट्रंप के विशेष वार्ताकार स्टीव विटकॉफ ने तैयार किया है. हालांकि, इस पीस प्लान की शर्तों के अनुसार, रूस को कुछ रियायतें देने की बात कही गई है, लेकिन व्हाइट हाउस का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में यह सबसे बेहतर युद्धविराम समझौता हो सकता है. तर्क दिया जा रहा है कि इससे दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की शुरुआत हो सकती है.
यूक्रेन के लिए शांति योजना की शर्तें
इस शांति प्रस्ताव में यूक्रेन के लिए कुछ कठोर शर्तें रखी गई हैं. इसमें डोनबास क्षेत्र को रूस को सौंपने की बात शामिल है. इसके अतिरिक्त, क्रिमिया को भी रूस के भू-भाग के रूप में मान्यता देने की शर्त है. यह भी कहा गया है कि यूक्रेन की सेना को 50% तक कम कर दिया जाएगा और वह मिसाइल तैनात नहीं कर पाएगा. सबसे अहम बात यह है कि यूक्रेन को नाटो की सदस्यता भी नहीं मिलेगी और यूक्रेन में रूसी भाषा को मान्यता देनी होगी. हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन कीव पहले ही कह चुका है कि वह रूस को यूक्रेन का कोई भी क्षेत्र रियायत के तौर पर दिए जाने की शर्त को स्वीकार नहीं करेगा.
जेलेंस्की और पुतिन से ट्रंप की बातचीत
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम कराने के प्रयासों के तहत रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के साथ अलग-अलग बैठकें की हैं. 15 अगस्त, 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप ने अलास्का में अमेरिकी सेना के एयरबेस पर राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की, जहां पुतिन ने युद्धविराम के लिए अपनी शर्तें रखीं और यूक्रेन को नाटो की सदस्यता देने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया. 22 अगस्त को राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्रपति जेलेंस्की से व्हाइट हाउस में मुलाकात की. इस दौरान, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली सहित कई यूरोपीय देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी मौजूद थे.
साल 2022 से जारी है रूस-यूक्रेन युद्ध
गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध फरवरी 2022 से चल रहा है. एक अनुमान के अनुसार, 17 नवंबर तक रूस के 1160 सैनिक युद्ध में मारे जा चुके हैं और रूस को लगभग 10 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है. रूस ने यूक्रेन पर 18-19 नवंबर की रात को एक ताजा हमला किया था, जिसमें रूसी सेना ने यूक्रेन पर 450 से अधिक ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल सहित 45 से अधिक मिसाइलें दागीं थीं. इस हमले में लगभग 25 लोगों की जान गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे. जवाबी कार्रवाई में, यूक्रेन ने रूसी तेल रिफाइनरी रयाजान और ओरेनबर्ग पर ड्रोन हमले किए, जिससे आग लगने से नुकसान हुआ.
