व्लादिमीर पुतिन का भारत दौरा 2025: ताज़ा अपडेट
रूस के राष्ट्रपति पुतिन आज भारत के राजकीय दौरे पर आ रहे हैं और दिल्ली में उनके शानदार स्वागत की पूरी तैयारी है। राजधानी में जगह-जगह फ्लैक्स और वेलकम बोर्ड लगे हैं। वहीं ट्रैफिक रूट भी डायवर्ट किया गया है। पुतिन का पिछला भारत दौरा 6 दिसंबर 2021 को हुआ था, ऐसे में रूसी राष्ट्रपति 4 साल बाद भारत आ रहे हैं। इस उच्च स्तरीय यात्रा से भारत और रूस के संबंधों में एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है। रक्षा सहयोग, व्यापार समझौते, और सामरिक साझेदारी इस यात्रा के मुख्य आकर्षण रहेंगे।
भारत-रूस समिट में लेंगे हिस्सा
बता दें कि पुतिन 23वें भारत-रूस समिट में हिस्सा लेंगे। यह समिट हर साल होने वाला इवेंट है, जिसकी मेजबानी बारी-बारी दोनों देश करते हैं। अपने 5 से 7 खास मंत्रियों और करीबियों के साथ भारत आ रहे पुतिन करीब 8 डील साइन कर सकते हैं। समिट के अलावा पुतिन-मोदी की द्विपक्षीय वार्ता भी होगी, जिसमें क्रूड ऑयल, S-400 मिसाइल सिस्टम डील और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बात होगी। यह सम्मेलन दोनों देशों के बीच आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एस-400 डील पर विशेष ध्यान रहेगा, जो भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा। ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता भी चर्चा के मुख्य बिंदु होंगे।
ऐसे होंगी बैठकें और बातचीत
बता दें कि हैदराबाद हाउस में पहली बातचीत सीमित सदस्यों के बीच होगी, जिसमें शीर्ष नेता खुलकर चर्चा करेंगे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत शुरू होगी। समिट, द्विपक्षीय वार्ता और बैठकों के बाद 5 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी के साथ लंच के बाद दोनों जॉइंट प्रेस स्टेटमेंट जारी करेंगे। दोनों देशों के कारोबारियों की बैठकें भी साथ-साथ चलेंगी। शुक्रवार देर रात पुतिन मॉस्को लौट जाएंगे। रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए कई समझौते होने की संभावना है, जिससे भारत और रूस के बीच विश्वास और समन्वय बढ़ेगा। वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा, जिसमें आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन शामिल हैं।
