गूगल को टक्कर देने आ गया ChatGPT Atlas: OpenAI का नया AI ब्राउज़र जो बदलेगा सर्च का तरीका – Nepal Updates | Stock Exchange

OpenAI ने मंगलवार को अपना पहला AI-संचालित वेब ब्राउज़र, ChatGPT Atlas लॉन्च किया है। कंपनी का कहना है कि यह लॉन्च इंटरनेट पर जानकारी खोजने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है। अब तक Google Search इस क्षेत्र में सबसे आगे रहा है, लेकिन OpenAI का लक्ष्य Atlas को ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना है जो ChatGPT की ताकत से सर्च को और स्मार्ट और सहज बना दे। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक बड़ा कदम है।

कंपनी के मुताबिक ChatGPT Atlas सबसे पहले macOS पर उपलब्ध कराया जाएगा। आने वाले समय में इसका विस्तार Windows, iOS और Android डिवाइसों तक किया जाएगा। खास बात यह है कि OpenAI इसे शुरुआत में फ्री यूजर्स के लिए भी जारी कर रहा है। यानी कोई भी व्यक्ति इसे बिना किसी भुगतान के इस्तेमाल कर सकेगा। यह मुफ्त AI ब्राउज़र सभी के लिए उपलब्ध होगा।

ब्राउजर इंडस्ट्री में अब AI एक नई जंग का मैदान बन चुका है। जहां Google Chrome लंबे समय से सबसे लोकप्रिय ब्राउजर है, वहीं कई नई कंपनियां AI फीचर्स के जरिए इसे चुनौती देने की कोशिश कर रही हैं। Perplexity का Comet और The Browser Company का Dia जैसे ब्राउजर इसी दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं। Google और Microsoft ने भी अपने Chrome और Edge ब्राउजरों में AI टूल्स जोड़ना शुरू कर दिया है। एआई ब्राउज़र का भविष्य उज्जवल दिखता है।

ब्राउज़र हिस्ट्री से मिलेगा पर्सनल एक्सपीरियंस

OpenAI के इंजीनियरिंग लीड Ben Goodger ने बताया कि ChatGPT Atlas का केंद्र ChatGPT ही है। इसका मतलब है कि उपयोगकर्ता अपने सर्च रिजल्ट्स के साथ सीधे चैट कर पाएंगे। यानी जब आप किसी जानकारी की तलाश करेंगे, तो ChatGPT उसी ब्राउजर में उस विषय पर बातचीत के जरिए आपकी मदद करेगा बिल्कुल वैसे ही जैसे आप Perplexity या Google के AI मोड में करते हैं। यह एक स्मार्ट ब्राउज़र है जो आपकी ज़रूरतों को समझता है।

Atlas में एक खास फीचर जोड़ा गया है जिसे Sidecar कहा जा रहा है। यह ChatGPT को आपके ब्राउजर स्क्रीन पर चल रहे कंटेंट का संदर्भ समझने की सुविधा देता है। इससे बार-बार टेक्स्ट कॉपी-पेस्ट करने या लिंक खींचकर ChatGPT में डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह फीचर काम को और तेज और सहज बना देता है। यह वेब ब्राउज़िंग को और भी आसान बनाता है।

OpenAI के प्रोडक्ट लीड Adam Fry ने बताया कि Atlas में ब्राउज़र हिस्ट्री फीचर भी शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि ChatGPT अब आपके द्वारा देखी गई वेबसाइटों और ऑनलाइन गतिविधियों को ध्यान में रखकर और भी व्यक्तिगत जवाब देगा। यानी आपका ब्राउजर आपकी पसंद को पहचानकर उसी हिसाब से सुझाव देगा। यह पर्सनलाइज्ड ब्राउज़िंग अनुभव प्रदान करता है।

Agent Mode करेगा छोटे काम अपने आप

इसके अलावा, OpenAI ने इसमें एक और सुविधा दी है जिसे Agent Mode कहा गया है। इस मोड में ChatGPT आपके लिए ब्राउजर के अंदर छोटे-छोटे काम खुद से कर सकता है, जैसे किसी वेबसाइट पर जानकारी भरना या कोई फाइल डाउनलोड करना। फिलहाल यह फीचर केवल ChatGPT Plus, Pro और Business यूजर्स के लिए उपलब्ध रहेगा। यह एक ऑटोमेटेड ब्राउज़र है जो आपके काम को आसान करेगा।

OpenAI के ChatGPT हेड Nick Turley का मानना है कि जैसे ब्राउजर ने पहले ऑपरेटिंग सिस्टम की परिभाषा बदल दी थी, वैसे ही ChatGPT अब उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, आने वाले समय में लोग अपने ज्यादातर काम सीधे ChatGPT Atlas जैसे AI ब्राउजरों पर ही करेंगे। यह अगली पीढ़ी का ब्राउज़र है।

हालांकि, यह देखना बाकी है कि क्या Atlas वास्तव में Google Chrome जैसी दिग्गज कंपनी को टक्कर दे पाएगा या नहीं। फिलहाल Chrome के दुनिया भर में तीन अरब से ज्यादा यूजर हैं। लेकिन एक बात तय है AI ब्राउजरों का दौर अब शुरू हो चुका है, और आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि OpenAI का Atlas इस दौड़ में कितनी दूर तक जाता है। यह AI ब्राउज़र की प्रतिस्पर्धा में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top