एसबीआई (SBI) का mCASH बंद! क्या है वजह, जानिए यहाँ – Nepal Updates | Stock Exchange

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना: एमकैश सेवा बंद होने जा रही है!

ध्यान दें एसबीआई (SBI) ग्राहकों! आपके लिए एक जरूरी खबर है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) अपनी ऑनलाइन एसबीआई और योनो लाइट (YONO Lite) में एमकैश (mCash) – भेजना और दावा करना – सेवा को 30 नवंबर 2025 के बाद बंद कर देगा। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है जो आपके ऑनलाइन बैंकिंग (online banking) अनुभव को प्रभावित कर सकता है। एसबीआई (SBI) के अनुसार, अब तृतीय-पक्ष को पैसे भेजने के लिए आपको यूपीआई (UPI), आईएमपीएस (IMPS), एनईएफटी (NEFT), आरटीजीएस (RTGS) जैसे अन्य विकल्पों का उपयोग करना होगा। यह डिजिटल पेमेंट (digital payment) के तरीके में एक बदलाव है, जिसका आपको ध्यान रखना चाहिए।

एसबीआई (SBI) ने अपनी वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से कहा है, “30.11.2025 के बाद ऑनलाइन एसबीआई (Online SBI) और योनो लाइट (YONO Lite) में एमकैश (mCash) (भेजना और दावा करना) सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। कृपया तीसरे पक्ष के लाभार्थियों को धन हस्तांतरित करने के लिए यूपीआई (UPI), आईएमपीएस (IMPS), एनईएफटी (NEFT), आरटीजीएस (RTGS) आदि जैसे वैकल्पिक लेनदेन माध्यमों का उपयोग करें।” इसका मतलब है कि आपको मनी ट्रांसफर (money transfer) के लिए नए विकल्पों के बारे में जानने और उनका उपयोग करने के लिए तैयार रहना होगा।

एमकैश (mCash) क्या है? यह भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा प्रदान की जाने वाली एक त्वरित धन हस्तांतरण सेवा थी। इसके जरिए आप किसी व्यक्ति को उसके बैंक खाते की जानकारी दिए बिना ही पैसे भेज सकते थे। यह एक तत्काल भुगतान (instant payment) विकल्प था जो कुछ समय से उपलब्ध था।

एसबीआई एमकैश (SBI mCash): एक नजर! एसबीआई योनो लाइट (SBI YONO Lite) उपयोगकर्ता, मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी के जरिए पंजीकरण किए बिना, किसी थर्ड पार्टी को पैसा ट्रांसफर कर सकते थे। आप “फंड ट्रांसफर” मेनू में उपलब्ध “एमकैश” (mCash) लिंक का उपयोग करके किसी विशिष्ट लाभार्थी के लिए एमकैश (mCash) बना सकते थे। इस सेवा के लिए प्रति लेनदेन 2.50 रुपये का मामूली शुल्क लगता था। यह एक सुविधाजनक तरीका (convenient way) था जिससे आप आसानी से पैसे भेज सकते थे।

लेकिन, एसबीआई (SBI) 30 नवंबर 2025 से एमकैश (mCash) को बंद क्यों कर रहा है? दरअसल, एमकैश (mCash) अब एक पुराना तरीका हो गया है। यूपीआई (UPI) ने इस तरह के छोटे और त्वरित मनी ट्रांसफर (money transfer) की जगह ले ली है। यूपीआई (UPI) और आईएमपीएस (IMPS) की तुलना में यह सुविधा पुरानी हो चुकी है, इसलिए एसबीआई (SBI) ने इस सुविधा को बंद करने का फैसला लिया है। यह एक तकनीकी बदलाव (technical change) है जो डिजिटल लेनदेन (digital transactions) को और भी आसान बनाने के लिए किया जा रहा है।

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