3 महिलाएं, 1 मुस्लिम, 1 शूटर और 9 नए चेहरे: नीतीश कैबिनेट में जातीय समीकरण का गणित! – Nepal Updates | Stock Exchange

नीतीश कुमार बिहार नई कैबिनेट: जातीय समीकरण और नए चेहरे

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बदलाव हुआ है और नीतीश कुमार ने अपनी 10वीं कैबिनेट का गठन किया है। इस नई कैबिनेट में 26 मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिसमें हर जाति को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। जातिगत समीकरण को साधने के लिए कैबिनेट में दलित, राजपूत, कुशवाहा, भूमिहार, कुर्मी, वैश्य, यादव, मल्लाह, ब्राह्मण, कायस्थ, मुस्लिम और EBC चेहरों को शामिल किया गया है। नीतीश कुमार ने खुद 8 मंत्रियों को रिपीट किया है, जबकि भाजपा ने 5 मंत्रियों को दोहराया है। इस बार कैबिनेट में तीन महिलाएं, एक नेशनल शूटर, एक मुस्लिम चेहरा और 9 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं। यह नीतीश कैबिनेट बिहार सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

पहली बार मंत्री बनने वाले चेहरे

* रामकृपाल यादव
* संजय सिंह टाइगर
* अरुण शंकर प्रसाद
* रमा निषाद
* लखेन्द्र कुमार रौशन
* श्रेयसी सिंह
* संजय कुमार
* संजय कुमार सिंह
* दीपक प्रकाश

महिला प्रतिनिधित्व और एक नेशनल शूटर

बिहार कैबिनेट में इस बार तीन महिलाओं को शामिल किया गया है, जिनमें लेसी सिंह, रमा निषाद और श्रेयसी सिंह (एक नेशनल शूटर) शामिल हैं। श्रेयसी सिंह का मंत्री बनना युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और बिहार में खेल को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

जातिगत समीकरण: किसको क्या मिला?

* पांच दलित मंत्रियों में: पटना से अशोक चौधरी, गोपालगंज से सुनील कुमार, गया से संतोष कुमार सुमन, पासवान में वैशाली से लखेंद्र पासवान और बेगूसराय से संजय पासवान शामिल हैं। दलित समुदाय को इस बार अच्छा प्रतिनिधित्व मिला है।
* चार राजपूत मंत्रियों में: आरा से संजय टाइगर, जमुई से श्रेयसी सिंह, पूर्णिया से लेसी सिंह और वैशाली से संजय सिंह शामिल हैं। राजपूत समुदाय की भी कैबिनेट में मजबूत भागीदारी है।
* तीन कुशवाहा मंत्रियों में: बेगूसराय से सुरेंद्र मेहता, मुंगेर से सम्राट चौधरी और नॉन इलेक्टेड दीपक प्रकाश शामिल हैं। कुशवाहा समुदाय को भी प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।
* दो भूमिहार मंत्रियों में: लखीसराय से विजय सिन्हा और समस्तीपुर से विजय चौधरी शामिल हैं। भूमिहार समुदाय भी कैबिनेट में शामिल है।
* दो वैश्य मंत्रियों में: किशनगंज से दिलीप जायसवाल और चंपारन से नारायण शाह शामिल हैं। वैश्य समुदाय को भी प्रतिनिधित्व मिला है।
* दो कुर्मी मंत्रियों में: नालंदा से नीतीश कुमार और श्रवण कुमार शामिल हैं। कुर्मी समुदाय का नेतृत्व नीतीश कुमार खुद कर रहे हैं।
* दो यादव मंत्रियों में: सुपौल से विजेंद्र यादव और पटना से राम कृपाल यादव शामिल हैं। यादव समुदाय भी कैबिनेट का हिस्सा है।
* दो मल्लाह मंत्रियों में: मुजफ्फरपुर से रमा निषाद और दरभंगा से मदन साहनी को जगह मिली है। मल्लाह समुदाय को भी प्रतिनिधित्व मिला है।

इसके अलावा, ब्राह्मण में सिवान से मंगल पांडे, कायस्थ में पटना से नितिन नवीन, मुस्लिम में कैमूर से जमा खान, सुढी जाति से मधुबनी से अरुण शंकर प्रसाद और अति पिछड़ा वर्ग में औरंगाबाद से प्रमोद कुमार चंद्रवंशी को कैबिनेट में जगह मिली है। इस तरह, नीतीश कुमार ने हर वर्ग और समुदाय को साधने की कोशिश की है। यह बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है और देखना होगा कि यह कैबिनेट राज्य के विकास में कितना योगदान करती है।

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