पैसा उधार देते वक्त ये 5 गलतियाँ पड़ सकती हैं भारी, बर्बाद हो जाएगी दोस्ती! – Nepal Updates | Stock Exchange

धन उधार देने में होने वाली गलतियां: क्या आप भी करते हैं ये भूल? ज्योतिष के अनुसार जानें!

आपने अक्सर सुना होगा कि बहुत से लोगों ने जो पैसा उधार दिया था, वह कभी वापस नहीं आया। मदद करने की नीयत से दिया गया धन जब लौटकर नहीं आता, तो रिश्तों में तनाव और आर्थिक परेशानियां दोनों बढ़ जाती हैं। पुराने समय से ही धन लेन-देन को लेकर कई व्यावहारिक नियम और परंपराएं बताई गई हैं, जिन्हें आज भी उपयोगी माना जाता है। ज्योतिषाचार्य हर्षवर्धन शांडिल्य बताते हैं कि धन का लेन-देन करते समय दिशा, तरीका और आदतों में की गई छोटी-छोटी गलतियां भी बड़ी समस्या बन सकती हैं। आइए समझते हैं ये 3 प्रमुख गलतियां क्या हैं और इनसे कैसे बचें?

गलत दिशा की ओर देखकर धन का लेनदेन

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, धन का लेन-देन करते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। कहा जाता है कि दक्षिण दिशा की ओर देखकर पैसा उधार देने से उसके वापस मिलने की संभावना कम हो जाती है। वहीं, पश्चिम दिशा की ओर देखकर पैसा लेने से धन का उपयोग अक्सर बीमारियों या अनचाहे खर्चों में हो जाता है। उधार लेते या देते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर चेहरा रखना शुभ माना जाता है। माना जाता है कि ये दिशाएँ सकारात्मक ऊर्जा और स्थिरता का प्रतीक हैं।

लेन-देन में हाथ का गलत प्रयोग

धन का लेन-देन करते समय हाथ का उपयोग भी महत्वपूर्ण माना गया है। कई परंपराओं में माना गया है कि पैसा देते समय दाहिने हाथ का प्रयोग करना चाहिए। लेते समय बाएं हाथ का प्रयोग शुभ माना जाता है। यह नियम सिर्फ आस्था से जुड़ा नहीं, बल्कि व्यवहारिक भी है। दाहिने हाथ से देना सम्मान और स्वीकृति का संकेत माना जाता है। वहीं बाएँ हाथ से लेना विनम्रता का भाव दर्शाता है। इससे लेन-देन के दौरान स्पष्टता और सम्मान दोनों बने रहते हैं।

नोट गिनने की गलत आदत

कई लोग नोट गिनते समय बार-बार उंगलियों पर थूक लगाते हैं, जो न सिर्फ अस्वच्छ है बल्कि अशुभ माना जाता है। यह आदत धन के प्रति असम्मान दर्शाती है, नोटों को गंदा करती है, जिसे देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, और इससे आपके लेन-देन की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। वहीं, आज के समय में स्वच्छ और शालीन व्यवहार भी धन आकर्षित करने के तौर पर देखा जाता है।

अपनाएं ये उपयोगी आदतें

कुछ आसान आदतें अपनाकर धन के प्रवाह को बेहतर बना सकते हैं। लेन-देन हमेशा स्पष्ट शर्तों के साथ करनी चाहिए। उधार को लिखित रूप में रखने की आदत डालनी चाहिए। इसके साथ ही, जिस व्यक्ति को उधार दे रहे हैं, उसकी विश्वसनीयता जरूर परखें। बड़े धन लेन-देन में गवाह या डिजिटल रिकॉर्ड रखना बुद्धिमानी है। पैसे को हमेशा सम्मानपूर्वक दें और लें, न तो मुड़ा-तुड़ा नोट दें और न ही अस्वच्छ तरीके से गिनें।

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